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बच्चों ने बिखेरा मगही माटी का रंग

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  बच्चों ने बिखेरा मगही माटी का रंग अखिल भारतीय मगही मंडप और समरहिल् के तत्वावधान में मगही साहित्य क्विज प्रतियोगिता और रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन प्रतिनिधि, वारिसलीगंज/हिसुआ सोमवार को अखिल भारतीय मगही मंडप और समरहिल् के बैनर तले बीके साहु इंटर विद्यालय में बच्चों ने मगही माटी का रंग बिखेरा. मगही साहित्य से जुड़ी क्विज प्रतियोगिता के समापन के मौके पर बच्चों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुति कर सबका मन मोह लिया. लोक नृत्य, रिंकार्डिंग डांस, लोक गायन, फिल्मी गीतों की प्रस्तुति सहित देशभक्ति से प्रेरित नुक्कड़ नाटक से उपस्थित स्टूडेंट्स और अभिभावक बंधे रहे. मौके पर मगध के मगही साहित्यकार और कवियों का जुटान था. फीता काटकर मंडप के संस्थापक और सारथी पत्रिका के संपादक वरिष्ठ साहित्यकार मिथिलेश ने कार्यक्रम की शुरूआत की. साहित्यकार, पत्रकार और सारथी के कार्यकारी संपादक नरेन की अध्यक्षता और शिक्षक रौशन कुमार के संचालन में कार्यक्रम हुआ. मौके पर श्री मिथिलेश ने कहा कि मगही को प्रतिष्ठित करने और उसके महत्व से आज की पीढ़ी को रूबरु कराना है. श्री नरेन ने कहा कि हमारी मातृभाषा मगही म...

जहां हर मजहब के खिलें हैं फूल वह चमन है हिन्दुस्तान

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  जहां हर मजहब के खिलें हैं फूल वह चमन है हिन्दुस्तान हिसुआ के शब्द साधक मंच के तत्वावधान में कवि गोष्ठी और परिचर्चा का आयोजन राष्ट्रप्रेम , भाईचारा का संदेश देते हुए विभिन्न रसों की कविताओं का हुआ पाठ हिसुआ मानव को मानवता सीखाये वह देश हैं हिन्दुस्तान , हर मजहब का फूल खिले वह देश है हिन्दुस्तान- कवि शफीक जानी नादां की यह काव्य पंक्ति जब गूंजी तो उपस्थित जन देश के भाईचारे और एकता के कायल हो गये. उनकी कविता देश की अखंडता और एकता को बचाये रखने के लिए सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया. हिसुआ के हिन्दी-मगही साहित्यिक मंच शब्द साधक के तत्वावधान में आर्य समाज मंदिर में रविवार को कवि सम्मेलन का आयोजन था. मंच अध्यक्ष दीनबंधु की अध्यक्षता और व्यंग्यकार उदय भारती के संचालन में कवियों ने देशप्रेम , भाईचारा , शरद ऋतु के आगमन , गांव की जरूरत , राजनीति की विद्रुपता सहित समसामयिक कविताओं का पाठ किया. यदुलाल आर्य ने क्रोध से विनाश की कविता सुनायी , तो संजय प्रकाश ने शिक्षकों की पीड़ा व्यक्त की. देवेंद्र पांडेय ने साहित्य से समाज के कल्याण का संदेश दिया. शत्रुध्न प्रसाद और दयानंद च...

मगही को नयी दिशा देगी प्रभात खबर की यह पहल

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प्रभात खबर के कॉलम पर साहित्यक चर्चा करते साहित्यकार और आलोचक          मगही को नयी दिशा देगी प्रभात खबर की यह पहल प्रभात खबर में मगही के अंगना से शुरू हुए साहित्यिक कॉलम पर साहित्यिक गोष्ठी लोगों ने इसे मगही के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए प्रभात खबर की सार्थक पहल बताया   प्रतिनिधि , हिसुआ      वा रिसलीगंज में रविवार को हुए मगही साहित्यिक गोष्ठी और कवि सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण था. वहां केवल नये लेखकों को प्रोत्साहित करने , लेखन का टिप्स देने और कविता सुनाने का कार्यक्रम नहीं हुआ बल्कि मगही साहित्य की सार्थक आलोचना और समीक्षा भी की गयी. इस समीक्षाओं में प्रभात खबर के द्वारा मगही की सभी विधाओं में रचनाकारों की रचना ‘ मगही के अंगना से छापे जाने की पहल की भी समीक्षा की गयी. उपस्थित आलोचकों , प्राध्यापकों और साहित्यकारों ने इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इससे मगही को सार्थक दिशा मिलने तथा नयी पीढ़ी को मगही के प्रति प्रेरित होने की बात कही गयी. मगही के प्रयास के लिए पहले थोड़ा-बहुत पहल  करने वाले एशि...

वारिसलीगंज में मगही साहित्य के दो कार्यक्रमों का आयोजन

१.रचनाकार के समर्थ द्रष्टा होवे के चाही : नरेन वारिसलीगंज में अखिल भारतीय मगही मंडप के तत्वावधान में साहित परिचरचा आउ कवि सम्मेलन के भेल आयोजन जुटलथिन कथाकार, आलोचक और कवि प्रतिनिधि , हिसुआ रचनाकार के समर्थ द्रष्टा होवे के चाही. ऊ जेतना गहन दृष्टि से समाज के जीवन आउ परिस्थिति के देखथिन ओतने बेस उनखर रचना होतइ. माटी में बइठ के ही रचनाकार लोकभासा के समर्थ रचना करइ में सक्षम हो सकऽ हथिन. ई बात हिन्दी मगही के वरिष्ठ कथाकार आउ आलोचक नरेन जी एतवार के वारिसलीगंज में कहलथिन. ऊहां अखिल भारतीय मगही मंडप के वारिसलीगंज शाखा के तत्वावधान में स्टेशन भिजुन के तुमड़िया बाबा भवन में मगही साहितिक गोष्ठी आउ कवि सम्मेलन के आयोजन कइल गेल हल. अतिथि के रूप में पहुंचल नरेन जी आगू कहलथिन कि उपभोक्तावादी संस्कृति आवे से हम्मर माटी के संस्कृति पर कोय असर नञ् पड़तइ काहे कि केतनो बड़का सुनामी आ जाहे पर जे घास के जड़ माटी में पेसल रहऽ ओकर कुच्छो नञ् बिगड़ हइ. ऊ रचनाकार के लेखन के स्तर सुधारे के कय गो टिप्स देलथिन. मुख्य वक्ता मगध विश्वविद्यालय बोधगया के मगही विभागाध्यक्ष डॉ. भरत सिंह  मगही भासा साहित ...

काशीचक में सगर रात दिया जरे काजकरम

आलोचना सहइ के क्षमता रखथिन साहितकार : तरूण *काशीचक में जवाहर लाल नेहरू कॉलेज में ‘सगर रात दिया जरे’ के होल   काजकरम *काजकरम में जुटलथिन प्रदेश के कय दरजन कवि आउ आलोचक प्रतिनिधि, हिसुआ  आलोचना सहइ के क्षमता रखथिन साहितकार, आलोचना से साहित प्रखर होवऽ हइ. एकरा से रचनाधर्मिता के स्तर ऊपर उठऽ हइ. ई बात हिंदी मगही के प्रखर आलोचक आउ पटना कॉलेज के हिंदी के प्रोफेसर डॉ. तरूण शुक्रवार के रात काशीचक के जवाहर लाल नेहरू कॉलेज में आयोजित सगर रात दीया जरे के काजकरम में कहलथिन. अखिल भारतीय मगही मंडप, काशीचक आउ कॉलेज के तत्वावधान में बाल दिवस के मोका पर काजकरम के आयोजन कइल गेल हल. श्री तरूण कहलका कि आलोचना सहइ के क्षमता जदि साहितकार में नञ् हइ तऽ उनखर रचनाधर्मिता चिरकालिक नञ् हे आउ उनखा के साहित के भला नञ् भेतइ. ऊ स्वस्थ, स्तरीय साहित लिखे, ओकर संपादन करइ के साथ ओकर आलोचना करइ आउ करबावइ के अपील कइलथिन. मुख्य अतिथि डॉ. भरत शास्त्र दुन्हूं के आधार बना के आलोचना करइ पर बल देलथिन. ऊ कहलथिन कि खाली शस्त्र आउ समकालीन आलोचना से साहित के भला नञ् होतइ. डॉ. भरत मगही साहित के इतिहास के विवेचन...

मगही उत्थान के लिये उदय भारती सम्मानित

मगही उत्थान के लिये उदय भारती सम्मानित निज प्रतिनिधि , हिसुआ(नवादा) : जिले के जाने माने व्यंगकार व नवादा जिला पत्रकार संगठन के कोषाध्यक्ष कवि उदय भारती को मगही पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिये सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हे मगही मनभावन ई पत्रिका के जरिये मगही पत्रकारिता को जन जन तक पहुंचाने में उत्कृष्ट योगदान के लिये दिया गया है। मंगलवार को मगध विश्वविद्यालय के मगही विभाग द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में प्रदेश के कुल 11 कवियों , साहित्यकारों को मगही क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिये सम्मानित किया गया। जिसमें नवादा के कवि दीन बंधु को साहित्य के क्षेत्र में तथा कवि उदय भारती को मगही पत्रकारिता के लिये सम्मानित किया गया है। श्रीभारती ने मगही पत्रकारिता को पहचान दिलाने तथा देश विदेश में बैठे मगही भाषियों को अपनी मातृभाषा का स्वाद चखाने के लिये 23 सितम्बर 2011 को मगही मनभावन ई पत्रिका का शुभारम्भ किया था। जिसमें दु गो बात , बतरस , कहानी , संस्मरण , लघुकथा , गीत , कविता , गजल तथा मगध क्षेत्र में होने वाले साहित्यिक आयोजनों सहित मगध क्षेत्र से जुड़े अन्य गतिविधिय...

हिसुआ में हुआ साहित्यिक गोष्ठी व कवि सम्मेलन

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हिसुआ में हुआ साहित्यिक गोष्ठी व कवि सम्मेलन हिन्दी मगही साहित्यिक मंच शब्द साधक के तत्वावधान में आयोजित हुआ ‘पावस ऋतु का साहित्य में महत्व’ पर परिचर्चा और कवि सम्मेलन, जुटे तीन दर्जन से अधिक कवि व साहित्यकार. हिसुआः  गागर में सागर है कविता. कविता से ही कविता जन्म लेती है. कविता जीवन की सुखद अनुभूति है. कविता समाज को उसके रूप का आईना दिखाने का काम करती है. ये बातें हिन्दी मगही साहित्यिक मंच के अध्यक्ष व संयोजक व्यंग्यकार उदय भारती ने रविवार को आर्य समाज मंदिर में कही. मौका था शब्द साधक मंच के तत्वावधान में आयोजित ‘कविता क्या है’ और ‘पावस ऋतु का साहित्य में महत्व’ पर परिचर्चा का. अध्यक्ष और संयोजक के अलावे टीएस कॉलेज के हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. नवल किशोर शर्मा, अर्जक संध के सांस्कृतिक प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कुमार पथिक आदि वक्ताओं ने वर्षा ऋतु से जन जीवन को सीधे प्रभावित होने की बात कही. चूंकि वर्षा जीवनदायिनी है, धरती का श्रृंगार है, मस्ती और आनन्द देने वाली है. इसलिए यह साहित्य का एक प्रमुख अंग है. जन-सरोकार का सीधा संबंध वर्षा से होने के कारण कवि व साहित्यकारों ने इसे...

मगही साहित्य में हिसुआ का योगदान महत्वपूर्ण

  मगही साहित्य में हिसुआ का योगदान महत्वपूर्ण * हिसुआ में आयोजित हुई साहित्यिक गोष्ठी व कवि सम्मेलन * मगही मनभावन, सारथी और मगही संवाद पत्रिका की हुई समीक्षा हिसुआः मगही साहित्य को समृद्ध करने में हिसुआ का महत्वपूर्ण योगदान है. यहां के दिवंगत साहित्यकारों ने भी पांच दशक पहले मगही भाषा को समृद्ध किया है. अभी के साहित्यकार भी इसमें अपना योगदान दे रहे हैं. यह बातें मुख्य अतिथि मगध विश्वविद्यालय के मगही विभागाध्यक्ष डॉ. भरत सिंह ने शहर के आर्य समाज मंदिर में कही. मौका था हिन्दी-मगही साहित्यिक मंच शब्द साधक द्वारा आयोजित साहित्यिक गोष्ठी व कवि सम्मेलन का . मुख्य अतिथि ने हिसुआ के इंटरनेट मगही पत्रिका मगही मनभावन के मगही कोकिल जयराम सिंह अंक की सराहना की और कहा कि इसके संपादन के साथ-साथ रचना का चयन काफी स्तरीय है. उन्होंने सारथी पत्रिका की समीक्षा की. अन्य वक्ताओं ने मगही मनभावन और सारथी पत्रिका पर अपने विचार रखे. कार्यक्रम की अध्यक्षता मगही-हिन्दी के वरिष्ठ कवि दीनबंधु ने किया, जबकि मंच संचालन कवि उदय के द्वारा हुआ. दूसरे सत्र में बसंत और समसामयिक विषयों पर कवियों ने हिन्दी...

समाचार

पत्रिका का लोकार्पण हिसुआः ई पत्रिका ‘मगही मनभावन’ के प्रकाशन का एक वर्ष पूरा होने पर दसवें अंक का लोकार्पण किया गया। रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर गत वर्ष पत्रिका का लोकार्पण किया गया था। व्यंग्यकार उदय कुमार भारती के कुशल संपादन में नियमित निकल रहे मगही मनभावन ने मगही जनमानस को जोड़ने की सार्थक पहल की है। निज संवाददाता। हिन्दुस्तान पटना मंगलवार २५ सितम्बर २०१२ ------------------------------------------------------------------------------------------------------------------ प्रभात खबर गया सोमवार २४ सितम्बर २०१२ मगही मनभावन की पहली वर्षगांठ मनी हिसुआः राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयन्ती के मौके पर नगर के मगही हिन्दी साहित्यिक मंच ‘शब्द साधक’ ने मगही साहित्य ई-पत्रिका ‘मगही मनभावन’ के दसवें अंक का लोकार्पण किया. दिनकर के तस्वीर पर फूलमाला चढ़ाने के बाद इन्टरनेट पर पत्रिका को जारी किया गया. इस मौके पर पत्रिका की पहली वर्षगांठ मनायी गयी. आज ही के दिन पिछले साल पत्रिका का लोकार्पण समारोह पूर्वक किया गया था. मगही के वरिष्ठ साहित्यकार दीनबन्धु व शिक्षाविद् मिथिलेश कुमार सि...

मगही को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग

१५ जनवरी  २०१२ प्रभात खबर मगही की उपेक्षा पर कवियों ने जताया कड़ा एतराज बिहारशरीफ (नालंदा) : टाउन हॉल में आयोजित पुस्तक मेले के तीसरे दिन शनिवार को मगही कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. इसका उद्घाटन श्री हरिनारायणा नंद जी महाराज एवं मगही अकादमी के अध्यक्ष डॉ उदय शंकर शर्मा ने संयुक्त रूप से किया. इस अवसर पर श्री हरिनारायणा नंद जी महाराज ने कहा कि सत्य साहित्य के अध्ययन , मनन और चिंतन से ही व्यक्ति के अंदर विशुद्ध विचार , कर्तव्य व आचरण का बोध होता है. उन्होंने कहा कि इस तरह के पुस्तक मेले के माध्यम से मन के दुर्विकार दूर करने का अच्छा खुराक मिलता है. गायत्री परिवार के द्वारा लगाये गये इस कार्यक्रम की प्रशंसा की. मगही अकादमी के अध्यक्ष डॉ उदय शंकर शर्मा ने कहा कि जिस भाषा को हम लोग जन्म से लेकर मृत्यु तक इस्तेमाल करते हैं वह भाषा धीरे-धीरे विलुप्त हो रही है. मगही भाषा को बचाये रखने के लिये शोध और विकास जरी है. इस अवसर पर 15 अन्य कवियों ने अपने विचार व्यक्त किये. मेले के संयोजक अजय सिंह ने अतिथियों को पंडित श्री राम शर्मा आचार्य की लिखित पुस्तकें भेंट की. इस मौके पर मगह...