मगही मनभावन - युगल किशोर स्मृति सम्मान समारोह- 2026 पर मगही मनभावन की खास रिपोर्ट-
युगल किशोर स्मृति सम्मान पर देश-प्रदेश के साहित्यकारों का जुटान, साहित्य, संस्कृति और कला का दिखा संगम
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, पुस्तक लोकार्पण, विभिन्न क्षेत्र में बेहतर करने वाले एक सौ लोगों का सम्मान
मगही मनभावन - युगल किशोर स्मृति सम्मान की शुरुआत
वीणापाणि महाविद्यालय में कोशिश फाउंडेशन, नवादा के तत्वावधान में आयोजित युगल किशोर मिश्र स्मृति सम्मान समारोह 2026 के अवसर पर देश और प्रदेश के साहित्यकारों का जुटान हुआ। साहित्य, संस्कृति और कला का संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, हिन्दी और मगही की तीन पुस्तकों का लोकार्पण और कला, साहित्य, नाटक सहित विभिन्न क्षेत्र में बेहतर करने वाले लगभग एक सौ कवि, कवियित्री, पत्रकार, खिलाड़ी और कलाकारों का सम्मान हुआ। कोशिश फाउंडेशन की संस्थापिका के नेतृत्व, संयोजन में व्यापक कार्यक्रम हुआ। उद्घाटन कला संस्कृति पदाधिकारी प्रतिभा कुमारी ने दीप जलाकर की। अध्यक्षता मगही मंडप चरौल व इप्टा नवादा के अधिकारी नरेंद्र प्रसाद सिंह की ने किया। पहले चरण का संचालन उत्पल भारद्वाज, कवि सम्मेलन का संचालन ओंकार कश्यप और सम्मान सहित अन्य सत्रों का भावपूर्ण और प्रभावशाली संचालन नीतेश कपूर ने किया।
अतिथि और वक्ताओं ने कहा कि युगल किशोर मिश्र को ताउम्र साहित्य से लगाव रहा। कोशिश फाउंडेशन की स्थापना वीणा मिश्रा ने की लेकिन नेपथ्य में वे संस्था को गति देने का काम करते थे। उनके सहयोग से बुधौल में हर वर्ष समय-समय पर साहित्य का यज्ञ हुआ। कोशिश फाउंडेशन की बुनियाद के रूप में वे हमेशा जीवंत रहेंगे। इस आंगन में साहित्य-संस्कृति और कला सहित विभिन्न क्षेत्र के सृजन के पुष्प सदा खिलखिलाते रहेंगे। हम साहित्यकारों की स्मृति में युगल किशोर सदा बसे रहेंगे। वीणा मिश्रा उनके सपनों को पंख दे रहीं है। फाउंडेशन के आंगन में साहित्यकारों और साहित्यप्रेमियों का जमघट लगता रहेगा। उनका जलाया हुआ दीप सदा जगमगाते रहे। आयोजन को भी लोगों ने मुक्त कंठ से सराहा और कहा कि ऐसे आयोजन से साहित्यकारों को बल मिलता है। विभिन्न क्षेत्र की प्रतिभाओं का सम्मान देश और राष्ट्रहित में। सम्मान से बेहतर करने की ऊर्जा जगती है और सृजनकर्ता को संबल प्राप्त होता है। वीणा मिश्रा को ऐसे आयोजन के लिए साधुवाद दिया और कार्यक्रम को साहित्यिक इतिहास में मिल का पत्थर बताया जहां राष्ट्र और प्रदेश स्तर पर साहित्यकार जुटे। संबोधन करने वालों में मुख्य रूप से हिलसा विधायक डॉ. उषा सिन्हा, वरीय नागरिक संघ के अध्यक्ष बच्चन पांडेय, बैंक प्रबंधक सुबोध सिन्हा, पारस सिंह, जितेद्र जीतू, कैलाश विश्वकर्मा आदि थे।
दूसरे सत्र में वीणा मिश्रा की दो पुस्तक हिन्दी उपन्यास `एक मंजिल दो राहें’ और `मगही संस्कार गीत’ तथा गया के पूर्व बैंक प्रबंधक व साहित्यकार नरेंद्र सिंह की एक पुस्तक मगही गीत सेंगरन `मगही वाटिका’ का लोकार्पण हुआ। लोकार्पण के बाद कवि सम्मेलन का दौर चला जिसमें व्यंग्यकार उदय भारती, डॉ रेखा सिन्हा, अशोक समदर्शी, शंभु विश्वकर्मा, गोविंद गजब, करूणा कलिका, जहानाबाद की संगीता कुमारी, राजबुद्धि उर्मिला, दीपक कुमार, दयानंद प्रसाद गुप्ता, गौतम सरगम, श्यामसुंदर, रमेश खन्ना, नीतेश कपूर, उत्पल भारद्वाज सहित कवियों ने काव्य पाठ वाहवाही लूटी।



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