काशीचक में सगर रात दिया जरे काजकरम
आलोचना सहइ के क्षमता रखथिन साहितकार : तरूण *काशीचक में जवाहर लाल नेहरू कॉलेज में ‘सगर रात दिया जरे’ के होल काजकरम *काजकरम में जुटलथिन प्रदेश के कय दरजन कवि आउ आलोचक प्रतिनिधि, हिसुआ आलोचना सहइ के क्षमता रखथिन साहितकार, आलोचना से साहित प्रखर होवऽ हइ. एकरा से रचनाधर्मिता के स्तर ऊपर उठऽ हइ. ई बात हिंदी मगही के प्रखर आलोचक आउ पटना कॉलेज के हिंदी के प्रोफेसर डॉ. तरूण शुक्रवार के रात काशीचक के जवाहर लाल नेहरू कॉलेज में आयोजित सगर रात दीया जरे के काजकरम में कहलथिन. अखिल भारतीय मगही मंडप, काशीचक आउ कॉलेज के तत्वावधान में बाल दिवस के मोका पर काजकरम के आयोजन कइल गेल हल. श्री तरूण कहलका कि आलोचना सहइ के क्षमता जदि साहितकार में नञ् हइ तऽ उनखर रचनाधर्मिता चिरकालिक नञ् हे आउ उनखा के साहित के भला नञ् भेतइ. ऊ स्वस्थ, स्तरीय साहित लिखे, ओकर संपादन करइ के साथ ओकर आलोचना करइ आउ करबावइ के अपील कइलथिन. मुख्य अतिथि डॉ. भरत शास्त्र दुन्हूं के आधार बना के आलोचना करइ पर बल देलथिन. ऊ कहलथिन कि खाली शस्त्र आउ समकालीन आलोचना से साहित के भला नञ् होतइ. डॉ. भरत मगही साहित के इतिहास के विवेचन...