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मगही को नयी दिशा देगी प्रभात खबर की यह पहल

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प्रभात खबर के कॉलम पर साहित्यक चर्चा करते साहित्यकार और आलोचक          मगही को नयी दिशा देगी प्रभात खबर की यह पहल प्रभात खबर में मगही के अंगना से शुरू हुए साहित्यिक कॉलम पर साहित्यिक गोष्ठी लोगों ने इसे मगही के विकास और प्रचार-प्रसार के लिए प्रभात खबर की सार्थक पहल बताया   प्रतिनिधि , हिसुआ      वा रिसलीगंज में रविवार को हुए मगही साहित्यिक गोष्ठी और कवि सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण था. वहां केवल नये लेखकों को प्रोत्साहित करने , लेखन का टिप्स देने और कविता सुनाने का कार्यक्रम नहीं हुआ बल्कि मगही साहित्य की सार्थक आलोचना और समीक्षा भी की गयी. इस समीक्षाओं में प्रभात खबर के द्वारा मगही की सभी विधाओं में रचनाकारों की रचना ‘ मगही के अंगना से छापे जाने की पहल की भी समीक्षा की गयी. उपस्थित आलोचकों , प्राध्यापकों और साहित्यकारों ने इसकी मुक्त कंठ से प्रशंसा की और इससे मगही को सार्थक दिशा मिलने तथा नयी पीढ़ी को मगही के प्रति प्रेरित होने की बात कही गयी. मगही के प्रयास के लिए पहले थोड़ा-बहुत पहल  करने वाले एशि...

वारिसलीगंज में मगही साहित्य के दो कार्यक्रमों का आयोजन

१.रचनाकार के समर्थ द्रष्टा होवे के चाही : नरेन वारिसलीगंज में अखिल भारतीय मगही मंडप के तत्वावधान में साहित परिचरचा आउ कवि सम्मेलन के भेल आयोजन जुटलथिन कथाकार, आलोचक और कवि प्रतिनिधि , हिसुआ रचनाकार के समर्थ द्रष्टा होवे के चाही. ऊ जेतना गहन दृष्टि से समाज के जीवन आउ परिस्थिति के देखथिन ओतने बेस उनखर रचना होतइ. माटी में बइठ के ही रचनाकार लोकभासा के समर्थ रचना करइ में सक्षम हो सकऽ हथिन. ई बात हिन्दी मगही के वरिष्ठ कथाकार आउ आलोचक नरेन जी एतवार के वारिसलीगंज में कहलथिन. ऊहां अखिल भारतीय मगही मंडप के वारिसलीगंज शाखा के तत्वावधान में स्टेशन भिजुन के तुमड़िया बाबा भवन में मगही साहितिक गोष्ठी आउ कवि सम्मेलन के आयोजन कइल गेल हल. अतिथि के रूप में पहुंचल नरेन जी आगू कहलथिन कि उपभोक्तावादी संस्कृति आवे से हम्मर माटी के संस्कृति पर कोय असर नञ् पड़तइ काहे कि केतनो बड़का सुनामी आ जाहे पर जे घास के जड़ माटी में पेसल रहऽ ओकर कुच्छो नञ् बिगड़ हइ. ऊ रचनाकार के लेखन के स्तर सुधारे के कय गो टिप्स देलथिन. मुख्य वक्ता मगध विश्वविद्यालय बोधगया के मगही विभागाध्यक्ष डॉ. भरत सिंह  मगही भासा साहित ...

काशीचक में सगर रात दिया जरे काजकरम

आलोचना सहइ के क्षमता रखथिन साहितकार : तरूण *काशीचक में जवाहर लाल नेहरू कॉलेज में ‘सगर रात दिया जरे’ के होल   काजकरम *काजकरम में जुटलथिन प्रदेश के कय दरजन कवि आउ आलोचक प्रतिनिधि, हिसुआ  आलोचना सहइ के क्षमता रखथिन साहितकार, आलोचना से साहित प्रखर होवऽ हइ. एकरा से रचनाधर्मिता के स्तर ऊपर उठऽ हइ. ई बात हिंदी मगही के प्रखर आलोचक आउ पटना कॉलेज के हिंदी के प्रोफेसर डॉ. तरूण शुक्रवार के रात काशीचक के जवाहर लाल नेहरू कॉलेज में आयोजित सगर रात दीया जरे के काजकरम में कहलथिन. अखिल भारतीय मगही मंडप, काशीचक आउ कॉलेज के तत्वावधान में बाल दिवस के मोका पर काजकरम के आयोजन कइल गेल हल. श्री तरूण कहलका कि आलोचना सहइ के क्षमता जदि साहितकार में नञ् हइ तऽ उनखर रचनाधर्मिता चिरकालिक नञ् हे आउ उनखा के साहित के भला नञ् भेतइ. ऊ स्वस्थ, स्तरीय साहित लिखे, ओकर संपादन करइ के साथ ओकर आलोचना करइ आउ करबावइ के अपील कइलथिन. मुख्य अतिथि डॉ. भरत शास्त्र दुन्हूं के आधार बना के आलोचना करइ पर बल देलथिन. ऊ कहलथिन कि खाली शस्त्र आउ समकालीन आलोचना से साहित के भला नञ् होतइ. डॉ. भरत मगही साहित के इतिहास के विवेचन...

मगही साहित्य ई-पत्रिका अंक-१५

मगही साहित्य ई-पत्रिका अंक-१५ मगही मनभावन मगही साहित्य ई-पत्रिेका वर्ष -   ४                   अंक -   १५                       सितंबर-2014   --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- संपादक       ---   उदय कुमार भारती प्रकाशक     ---   मगही हिन्दी साहित्यिक मंच ‘ शब्द साधक ’                      हिसुआ , नवादा (बिहार) -------------------------------------------------- ------------------ --------------------------------------------------                               ...